मोदी सरकार का आदेश – सेना को ‘पत्थरबाजों’ को गोली मारने की मिली खुली छूट!
नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर में उपद्रवियों, बेवजह के प्रदर्शनकारियों और पत्थरबाजों को सबक सिखाने के लिए मोदी सरकार ने सेना के साथ मिलकर ऐसी योजना बनाई है जिससे कि अब पत्थरबाजों पर काबू पाया जा सकेगा। सेना को सरकार की सहमति से पत्थबाजों पर अब पैलेट गन की जगह प्लास्टिक की बुलेट (गोली) का इस्तेमाल करने की छूट मिल गई है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 1000 प्लास्टिक की बुलेट्स कश्मीर भेजा है और सेना को आदेश दिया है कि वह इन पत्थरबाजों को काबू करने के लिए पैलेट गन के बजाय इन गोलियों का इस्तेमाल करें। Control on stonebirds.
पत्थरबाजों के लिए सेना ने बनाया मास्टर प्लान –

आये दिन सेना को घाटी में पत्थरबाजों का सामना करना पड़ रहा है। पहले तो वो केवल सेना पर तब पत्थबाजी करते थे जब वो किसी बात को लेकर नाराज होते थे। अब वो आतंकियों को मारने के लिए सेना द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन के दौरान पत्थरबाजी करते हैं जिससे आतंकी मौका पाकर भाग निकलते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया था, जिससे पत्थरबाजों को कुछ समय के लिए ही काबू किया जा सका। आपको बता दें कि सुरक्षा बल इन पत्थरबाजों को काबू में करने के लिए गोलियों के इस्तेमाल से पहले गैर घातक श्रेणी के पावा (पेलार्गोनिक एसिड वैनिलिल एमाइड) गोलों और पैलेट गन का इस्तेमाल करती थी।
पत्थरबाजों पर बरसेंगी गोलियां –

कश्मीर में सेना के जवानों पर पथराव करने वालों से निपटने के लिए सेना पैलेट गन के विकल्प के तौर पर प्लास्टिक की गोलियां इस्तेमाल करेगी। आपको बता दें कि प्लास्टिक की बुलेट्स शरीर में धंसती नहीं हैं। इन्हें इंसास राइफल्स से फायर किया जाता है। पत्थरबाजों से निपटने के लिए सुरक्षाकर्मी पावा शेल्स और पेलेट गन का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि, आखिरी उपाय के रूप में पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन फिलहाल सेना को प्लास्टिक की गोलियों के इस्तेमाल की छूट मिल गई है। सूत्र के मुताबिक 1000 प्लास्टिक की गोलियों को इस्तेमाल के लिए कश्मीर घाटी भेज दिया गया है। इन प्लास्टिक की गोलियों से शरीर पर घाव नहीं होता।

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